पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. महाराष्ट्र के राजगढ़ जिले में मौजूद नीरव मोदी के अवैध बंगले को महाराष्ट्र सरकार गिराने जा रही है. इस बात की जानकारी सरकार ने हाई कोर्ट को दी. सरकार ने इसका आदेश भी जारी कर दिया है. नीरव मोदी की ये बिल्डिंग अलीबाग बीच के पास है.
सरकारी वकील पी. बी. काकड़े ने मुख्य न्यायाधीश नरेश पाटिल और न्यायमूर्ति एम. एस. कार्णिक की बेंच को गुरुवार को बताया कि उस इलाके में राज्य और तटवर्ती क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन कर बनाई गईं 58 अन्य निजी इमारतों को भी ढहाने का नोटिस भेजा गया है.
उन्होंने पीठ के पुराने आदेश के अनुपालन के संबंध में अदालत को यह जानकारी दी. गौरतलब है कि पीठ ने सरकार को यह बताने का निर्देश दिया था कि वह अलीबाग में बीच के किनारे बनी अवैध संपत्तियों के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रही है.
महाराष्ट्र सरकार द्वारा नीरव मोदी के इस बंगले को गिराने का आदेश 4 दिसंबर को ही जारी कर दिया गया था. दरअसल, नीरव मोदी को अलीबाग क्षेत्र में 376 स्क्वायर मीटर के प्लॉट पर बंगला बनाने की परमिशन ली थी, लेकिन उसने 1071 स्क्वायर मीटर जगह का घेराव किया. अब सरकार द्वारा इस अवैध निर्माण को ढहाया जा रहा है.
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के एक निजी होटल में ईवीएम मशीन और सागर जिले में बिना नंबर की स्कूल बस से स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम पहुंचाए जाने का वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बीजेपी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जनादेश को पटलने की कोशिश कर रही है. वहीं, एक अन्य मामले में शुक्रवार को ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगभग एक घंटे के लिए बिजली नहीं होने की वजह से स्ट्रॉन्ग रूम का सीसीटीवी और एलईडी डिस्प्ले इस अवधि में काम नहीं कर पाया.
इन शिकायतों पर चुनाव आयोग ने भी माना है कि मध्य प्रदेश में ऐसी दो घटनाएं हुईं थीं जिसमें ईवीएम को लेकर नियमावली का पालन नहीं किया गया. लेकिन आयोग का कहना था कि यह गलती प्रक्रिया तक ही सीमित है और मशीनों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई. लेकिन आयोग ने एक अधिकारी को मशीने देरी से जमा कराने के आरोप में सस्पेंड कर दिया.
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