बड़े बजट में बनी आमिर खान की फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तान का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन गिरता जा रहा है. दर्शक और क्रिटिक्स के निगेटिव फीडबैक का सीधा असर फिल्म के कलेक्शन पर पड़ा है. फिल्म पूरी तरह से धाराशायी हो गई है.
फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने फिल्म के कलेक्शन आंकड़े साझा किए हैं. फिल्म ने गुरुवार तक सभी भाषाओं में कुल 140.40 की कमाई कर ली है. बुधवार के मुकाबले भी फिल्म का कलेक्शन गुरुवार को कम रहा. बुधवार को फिल्म ने 3.5 करोड़ की कमाई की थी. जबकि गुरुवार को इसकी कमाई 2.60 करोड़ रही. इस हिसाब से फिल्म के हिंदी कलेक्शन की बात करें तो कुल 8 दिनों में फिल्म ने 134.95 करोड़ की कमाई कर ली है.
फिल्म का बजट 240 करोड़ है. बजट के हिसाब से इसकी कमाई को बहुत कमजोर माना जा रहा है. तरण आदर्श ने आने वाले कुछ दिनों में फिल्म की कमाई का अंदाजा लगाते हुए बताया है कि हिंदी में फिल्म की कमाई 150 करोड़ के आस-पास रहेगी. फिल्म से अब किसी भी करिश्मे की उम्मीद नहीं है. जबसे फिल्म रिलीज हुई है तबसे कमाई में पहले दिन के बाद से सिर्फ गिरावट ही दर्ज की गई है. बुधवार को कमाई में 19.54 % की गिरावट दर्ज की गई. वहीं गुरुवार को फिल्म की कमाई को 25.71 करोड़ का नुकसान हुआ.
बॉक्स ऑफिस पर ठग्स के साथ लगी बाकी फिल्मों की बात करें तो इसमें बधाई हो रिलीज के चौथे हफ्ते भी दम तोड़ने का नाम नहीं ले रही. फिल्म की कमाई शानदार रही है. तरण आदर्श ने फिल्म को ब्लॉकबस्टर घोषित कर दिया गया है.
बधाई हो के कलेक्शन की बात करें तो इसने पहले हफ्ते 66.10 करोड़ की कमाई की. दूसरे हफ्ते फिल्म की कमाई 28.15 करोड़ रही. तीसरे हफ्ते फिल्म की कमाई 15.35 करोड़ दर्ज की गई और चौथे मूवी ने 10.80 करोड़ रुपए कमाए. इस हिसाब से कुल कमाई 120.40 करोड़ हो गई है.
राजस्थान में जनसंघ के दिनों से ही प्रभावशाली राजपूत समाज बीजेपी का परंपरागत वोटबैंक रहा है. लेकिन हाल के दिनों में वसुंधरा राजे और राजपूत समाज के बीच रिश्ते में आई तल्खी बीजेपी के लिए चिंता का सबब बनी हुई है. ऐसे में बीजेपी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए 'राम' के नाम पर राजपूतों का दिल जीतने की जुगत में है.
राजपूतों की सियासी ताकत
बता दें कि राजस्थान में करीब 12 प्रतिशत राजपूत मतदाता हैं और तकरीबन तीन दर्जन विधानसभा सीटों पर उनका अच्छा-खासा प्रभाव है. वसुंधरा सरकार में राजपूत समुदाय से तीन कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री हैं.
राजस्थान में राजपूतों को बीजेपी के करीबी लाने का श्रेय राजपूत नेता व पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत को जाता है. शेखावत तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे. राज्य की मौजूदा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राजनीति में लाने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है.
इन मुद्दों से नाराज हैं राजपूत
हालांकि राजमहल भूमि विवाद, पद्मावत फिल्म विवाद, गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के लिए केंद्रीय नेतृत्व की पसंद, गजेंद्र सिंह शेखावत का राजे द्वारा विरोध करने से राजपूतों की नारजगी की वजह मानी जा रही है.
विधायक व पूर्व केंद्रीय मंत्री व राजपूत नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है. ऐसे में वसुंधरा राजे की लगातार दूसरी सत्ता में वापसी की राह में सबसे बड़ी बाधा बने राजपूतों को साधने की रणनीति शुरू हो गई है.
Friday, November 16, 2018
Sunday, November 11, 2018
आज की पाँच बड़ी ख़बरें: केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन
केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का सोमवार तड़के निधन हो गया. वो 59 साल के थे.
संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. कैंसर से पीड़ित अनंत कुमार का बैंगलुरू के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनंत कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है. मोदी ने कहा कि अनंत कुमार ने कई मंत्रालय संभाले और भाजपा संगठन की बड़ी पूंजी थे.
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अनंत कुमार के निधन पर शोक प्रकट किया है. सीतारमण ने ट्वीट किया, " यह सुनकर बहुत दुख हो रहा है कि अनंत कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे. उन्होंने पूरे समय भाजपा और कर्नाटक इकाई के लिए काम किया. उनका दिल और दिमाग़ हमेशा बैंगलुरू में ही रहा. ईश्वर उनके परिवार को इस दुख से उबरने की ताक़त दे."
भाजपा सरकारों के विभिन्न जगहों के नाम बदले जाने के फ़ैसलों के बीच जाने-माने इतिहासकार इरफ़ान हबीब ने कहा है कि पार्टी को सबसे पहले अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का सरनेम बदलने के बारे में सोचना चाहिए.
समाचार एजेंसी एएनआई ने इरफ़ान हबीब के हवाले से लिखा है, "शाह संस्कृत का नहीं, बल्कि एक फ़ारसी शब्द है. अगर वो शहरों के नाम बदल रहे हैं तो सबसे पहले उन्हें अपने नामों से इसकी शुरुआत करनी चाहिए."
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी शहरों का नाम बदलने की बीजेपी की नीति की आलोचना की है.
छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान के लिए सोमवार को नक्सल प्रभावित आठ ज़िलों के मतदाता मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत 190 उम्मीदवारों के भाग्य का फ़ैसला करेंगे.
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि राज्य में प्रथम चरण के मतदान के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. राज्य में सुरक्षा बल के लगभग सवा लाख जवानों को तैनात किया गया है.
उन्होंने बताया कि राज्य में चुनाव कार्य के लिए केंद्र से लगभग 65 हजार जवानों को यहां भेजा गया है, जिनमें अर्धसैनिक बल और पुलिस बल के जवान शामिल हैं.
इसके अलावा छत्तीसगढ़ में मतदान से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पार्टी की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष घनाराम साहू ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल पर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया.
संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. कैंसर से पीड़ित अनंत कुमार का बैंगलुरू के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनंत कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है. मोदी ने कहा कि अनंत कुमार ने कई मंत्रालय संभाले और भाजपा संगठन की बड़ी पूंजी थे.
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अनंत कुमार के निधन पर शोक प्रकट किया है. सीतारमण ने ट्वीट किया, " यह सुनकर बहुत दुख हो रहा है कि अनंत कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे. उन्होंने पूरे समय भाजपा और कर्नाटक इकाई के लिए काम किया. उनका दिल और दिमाग़ हमेशा बैंगलुरू में ही रहा. ईश्वर उनके परिवार को इस दुख से उबरने की ताक़त दे."
भाजपा सरकारों के विभिन्न जगहों के नाम बदले जाने के फ़ैसलों के बीच जाने-माने इतिहासकार इरफ़ान हबीब ने कहा है कि पार्टी को सबसे पहले अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का सरनेम बदलने के बारे में सोचना चाहिए.
समाचार एजेंसी एएनआई ने इरफ़ान हबीब के हवाले से लिखा है, "शाह संस्कृत का नहीं, बल्कि एक फ़ारसी शब्द है. अगर वो शहरों के नाम बदल रहे हैं तो सबसे पहले उन्हें अपने नामों से इसकी शुरुआत करनी चाहिए."
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी शहरों का नाम बदलने की बीजेपी की नीति की आलोचना की है.
छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान के लिए सोमवार को नक्सल प्रभावित आठ ज़िलों के मतदाता मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत 190 उम्मीदवारों के भाग्य का फ़ैसला करेंगे.
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि राज्य में प्रथम चरण के मतदान के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. राज्य में सुरक्षा बल के लगभग सवा लाख जवानों को तैनात किया गया है.
उन्होंने बताया कि राज्य में चुनाव कार्य के लिए केंद्र से लगभग 65 हजार जवानों को यहां भेजा गया है, जिनमें अर्धसैनिक बल और पुलिस बल के जवान शामिल हैं.
इसके अलावा छत्तीसगढ़ में मतदान से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पार्टी की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष घनाराम साहू ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल पर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया.
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